सोमवार की सुबह जब सूरज निकलेगा, तो दिल्ली का भारत मंडपम एक नए इतिहास का गवाह बनेगा। दुनिया भर के नेता और टेक्नोलॉजी के जादूगर भारत आ रहे हैं। मौका है—‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ का।
यह सिर्फ एक मीटिंग नहीं है; यह भारत का शक्ति प्रदर्शन है। यह बताने का तरीका है कि भारत अब सिर्फ सॉफ्टवेयर बनाने वाला ‘मजदूर’ नहीं, बल्कि भविष्य तय करने वाला ‘लीडर’ है।
कौन-कौन आ रहा है दिल्ली? मेहमानों की लिस्ट देखकर ही अंदाजा लग जाता है कि यह इवेंट कितना बड़ा है।
- इमैनुएल मैक्रों (राष्ट्रपति, फ्रांस): पीएम मोदी के खास दोस्त मैक्रों रविवार शाम को ही दिल्ली पहुंच रहे हैं। खबर है कि भारत और फ्रांस मिलकर 2026 को ‘इनोवेशन का साल’ घोषित करेंगे।
- सैम ऑल्टमैन (OpenAI): ChatGPT के जनक कहे जाने वाले सैम ऑल्टमैन भी इस समिट का हिस्सा होंगे।
- सुंदर पिचाई (Google): भारतीय मूल के सुंदर पिचाई, गूगल का सबसे ताकतवर AI ‘जेमिनी’ लेकर भारत आ रहे हैं।
NVIDIA के सीईओ का न आना चर्चा में इस चकाचौंध के बीच एक कुर्सी खाली रहेगी। दुनिया की सबसे बड़ी चिप कंपनी NVIDIA के सीईओ जेन्सेन हुआंग इस समिट में नहीं आ रहे हैं। अंदरखाने खबर है कि भारत सरकार और NVIDIA के बीच चिप की कीमतों को लेकर बात नहीं बनी है। जानकार कह रहे हैं कि यह भारत का सख्त संदेश है—”हम अपनी शर्तों पर काम करेंगे, किसी के दबाव में नहीं।”
भारत का ‘देसी’ एजेंडा पश्चिमी देश जहां रोबोट और दुनिया खत्म होने की बातें कर रहे हैं, वहीं पीएम मोदी का फोकस एकदम साफ है। भारत का एजेंडा है—गाँव, गरीब और किसान। इस समिट में चर्चा होगी कि कैसे AI का इस्तेमाल करके गाँवों में बेहतर इलाज पहुँचाया जाए और कैसे हर भारतीय को अपनी मातृभाषा में इंटरनेट की ताकत दी जाए।
दिल्ली तैयार है, सुरक्षा कड़ी है, और मंच सज चुका है। अगले तीन दिन तक दुनिया की सबसे बड़ी खबरें वाशिंगटन या बीजिंग से नहीं, बल्कि नई दिल्ली से आएंगी।
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