पंजाब के तरन तारन में सोमवार सुबह एक लॉ कॉलेज जंग का मैदान बन गया। यहाँ एक छात्र ने अपनी ही क्लासमेट को सरेआम मौत के…
लेखक: Ajay K Saklanii
इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बुधवार को वॉशिंगटन में एक अहम मुलाकात होने जा रही है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा ईरान के साथ होने वाली संभावित बातचीत और इजरायल की सुरक्षा है।
बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले चुनावों से पहले एक नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है—डॉ. शफीकुर रहमान। कभी कट्टरपंथी माने जाने वाले इस नेता ने अब ‘बदलाव’ का चोला ओढ़ लिया है।
बारामती में हुए विमान हादसे में अजित पवार के परिवार के सदस्य की मौत के बाद केंद्र सरकार हरकत में आई है। अब देश भर की ऐसी हवाई पट्टियों की जांच होगी जहाँ एटीसी (ATC) की सुविधा नहीं है।
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नसीहत दी है। कोर्ट ने कहा कि उनकी सेहत और उम्र को देखते हुए क्या सरकार उनकी हिरासत खत्म करने पर विचार कर सकती है?
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज एक अलग ही अवतार में नजर आईं। उन्होंने देश की सबसे बड़ी अदालत में खुद खड़े होकर दलीलें दीं और आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बंगाल के वोटरों को निशाना बना रहा है।
एनवीडिया (Nvidia) के सीईओ जेन्सन हुआंग ने भारत के भविष्य को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि आने वाले समय में डेटा सेंटर केवल सर्वर रूम नहीं, बल्कि “इंटेलिजेंस की फैक्ट्रियां” होंगे। यह बदलाव भारत में रोजगार का वैसा ही बूम लाएगा जैसा 90 के दशक में इंटरनेट के आने से आया था।
अमेरिका और कांगो के बीच खनिज (minerals) को लेकर हुए समझौतों को ‘ऐतिहासिक’ बताया जा रहा है, लेकिन जमीन हकीकत कुछ और है। कांगो के स्थानीय लोग और एक्टिविस्ट्स को डर है कि चीन को टक्कर देने की अमेरिकी होड़ में, एक बार फिर उनके संसाधनों की लूट होगी और आम जनता को सिर्फ धूल और गरीबी मिलेगी।
दिवंगत अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र का नया उपमुख्यमंत्री बनाया जा रहा है। एनसीपी के इस फैसले पर शरद पवार ने कहा कि परिवार को भरोसे में नहीं लिया गया। इस बीच, एक बड़ा खुलासा हुआ है कि प्लेन क्रैश से पहले अजीत पवार एनसीपी के दोनों गुटों का विलय करवाकर चाचा शरद पवार को ‘बर्थडे गिफ्ट’ देना चाहते थे।
गाजा की तबाह हो चुकी अर्थव्यवस्था के बीच वहां के युवा काम की नई परिभाषा लिख रहे हैं। युद्ध और नाकाबंदी ने उनके पुराने सपने तोड़ दिए, लेकिन हौसले नहीं। कोई नर्स अब डिजिटल मार्केटर बन गई है, तो कोई व्यापारी अपने घर को ही ऑफिस बनाकर काम चला रहा है। प्लास्टिक से बिजली बनाने से लेकर ऑनलाइन फ्रीलांसिंग तक—गाजा की युवा पीढ़ी मलबे के बीच से अपना भविष्य फिर से संवार रही है।